डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जीवनी परिचय – Abdul Kalam Biography in Hindi

सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते वो नहीं जो आप सोते समय देखते हो ये बात भारत के मिसाइल मैन ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी ने बोली थी.

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अब्दुल कलाम जी केवल एक महान वैज्ञानिक ही नहीं बल्कि एक अच्छे इन्सान थे. अब्दुल कलाम जी बोहोत ही दयालू इन्सान थे और बच्चो को सबसे ज्यादा प्यार करते थे और बच्चे भी ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को बोहोत पसंद करते थे और हमेसा करते रहेंगे.

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अब्दुल कलाम जी एक महान इन्सान थे और उन्होंने जो भारत देश के लिए किया वो बताना इतना आसान तो नहीं हैं फिर भी इस लेख मैं डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवनी परिचय (Abdul Kalam Biography in Hindi) दिया हैं.

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवनी परिचय (Abdul Kalam Biography in Hindi)

अब्दुल कलाम जी का मिसाइल मैन बनने का सफर इतना आसान नहीं था. अब्दुल कलाम जी की महन्त और सीखने की भूख की वजहा से ही वो बन सके जो वो बनना चाहते थे.

अब्दुल कलाम जी को विद्यार्थीयो के लिए सबसे बड़ी मिसाल माना जाता. संदीप महेश्वरी जो की एक बोहोत बड़े प्रेरक वक्ता हैं वो कहते हैं की विद्यार्थीयो के लिए अब्दुल कलाम से बड़ी मिसाल और कोई नहीं हैं.

तो आओ सरूवात से आखरी तक डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के बारे मैं जानते हैं.

अब्दुल कलाम जी का बचपन (Abdul Kalam Childhood Biography)

अब्दुल कलाम जी का जन्म एक गरीब परिवार मैं 15 अक्टूबर 1931 मैं तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मुसलमान परिवार मैं हुआ. अब्दुल कलाम जी के पिता का नाम जैनुलअबिदीन था जो की एक एक नाविक थे और उनकी माता का नाम अशिअम्मा था जो की एक गृहणी थीं।

अब्दुल कलाम जी के पिता एक नाव चलाया करते थे जिससे घर का ख़र्च चलता था छोटे अब्दुल कलाम आपने पिता जी की उनके काम मैं भी मद्त करते थे.

अब्दुल कलाम के पिता जी उन्हें हर रोज नवाज पढ़ने के लिए पास की मस्जिद मैं ले जाया करते थे, पिता जी से ही उन्हें सत्ये के मार्ग पर चलना और सभी को समान नजर से देखना के गुड़ मिले.

नवाज के बाद अब्दुल कलाम जी पास के शिव मंदिर मैं जाया करते थे और उसी श्रद्धा भाव से पूजा करते थे जिस श्रद्धा भाव से वो नवाज पढ़ते थे.

अब्दुल कलाम आपने बचनप मैं दो लोगो से बोहोत ज्यादा प्रभावित थे अहमद जलालुदीन और समसुद्दीन. जलालुदीन कलाम जी से लगभग 15 साल बड़े थे लेकिन फिर भी दोनों की दोस्ती कमाल की थी.

जलालुदीन अब्दुल कलाम जी को महान लोगो की बात बताया करते थे जिससे छोटे से अब्दुल कलाम के दिमाक पर बोहोत अच्छा प्रभाव पड़ा.

अब्दुल जी का परिवार बोहोत गरीब था लेकिन अब्दुल जी के पिता जरूरत की सभी चीजों मैं कमी नहीं होने देते थे.

एक बार नदी मैं बाढ़ आगयी और वहो उनकी नाव को बहा कर ले गई फिर आपने परिवार की मद्त करने के लिए अब्दुल कलाम जी अखबार बेचा करते थे.

अब्दुल कलाम जी ने अपनी स्कूल की पढाई रामनाथपुरम स्च्वार्त्ज़ मैट्रिकुलेशन स्कूल से पूरी की.

अब्दुल कलाम जी का कॉलेज जीवन (DR. APJ Abdul Kalam College Biography)

फिर इसके बाद अपनी बाद की पढ़ाई पूरी करने के लिए उन्होंने तिरूचिरापल्ली के सेंट जोसेफ्स कॉलेज में दाखिला लिया, जहाँ से अब्दुल कलाम जी ने सन 1954 में भौतिक विज्ञान में स्नातक किया।

B .Sc करते करते अब्दुल कलाम जी समझ गए थे की फिजिक्स उनके लिए नहीं हैं.

इंजीनियरिंग करने के लिए अब्दुल कलाम जी का सिलेक्शन मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (MIT) मैं होता हैं लेकिन एडमिशन के लिए करीब 2 हजार रूपये की जरूरत थी लेकिन उनके परिवार के पास इतना पैसा नहीं था की वो इतनी फीस दे पाए तो उनके बहन ज़ोहरा आपने सोने के कगन बेच कर अब्दुल कलाम जी को फीस के पैसे देती हैं.

फिर इसके बाद उन्होंने 1955 मैं वो मद्रास चले गए इंजीनियरिंग करने के लिए और वह अब्दुल जी ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.

अपनी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग को पूरी करने के बाद अब्दुल कलाम जी को हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) बैंगलोर भेजा जाता हैं ट्रेनिंग के लिए.

इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अब्दुल कलाम जी के पास नौकरी के दो विकल्प थे जिसमे एक एयरफोर्स का था. अब्दुल कलाम जब अपनी इंजीनियरिंग कर रहे थे MIT मैं तब वह और 2 एयर क्राफ्ट्स रखे थे जिन्हे अब्दुल कलाम घंटो देखा करते थे. अब्दुल कलाम भी उड़ना चाहते थे और उनका ये सपना एयरफोर्स से पूरा हो सकता था.

DTD&P (Air) मैं इंटरव्यू के लिए दिल्ली बुलाया गया और एयर फाॅर्स के लिए देरादून बुलाया गया.

एयर फाॅर्स मैं 22 बच्चो का इंटरव्यू होता हैं जिसमे वो 8 लोगो को सेलेक्ट करते हैं और अब्दुल कलाम जी 9 वे नंबर पर रहते हैं और वो बोहोत ज्यादा निराश होते हैं.

DTD&P मैं वो सेलेक्ट हो जाते हैं और उनको सइंटिफक असिस्टेंट के लिए चुन लिए जाता हैं.

अब्दुल कलाम जी का वैज्ञानिक जीवन (DR. APJ Abdul Kalam Scientist Biography)

अब्दुल कलाम जी का वैज्ञानिक जीवन बोहोत ज्यादा कठिन था क्योकी एक वैज्ञानिक के जीवन मैं बोहोत सारी असफलता आती हैं और उनका काम और भी बोहोत ज्यादा मुश्किल एसलिए था क्योकि उस समय तक भारत मैं कोई मिसाइल तकनीक ही नहीं थी तो जो भी करना था खुद से ही करना था और बोहोत से देश भारत को इस प्रकार की मिसाइल ना बनाने के लिए दबाव डाल रही अब्दुल कलाम जी का वैज्ञानिक जीवन बोहोत ज्यादा कठिन था क्योकी एक वैज्ञानिक के जीवन मैं बोहोत सारी असफलता आती हैं और उनका काम और भी बोहोत ज्यादा मुश्किल एसलिए था क्योकि उस समय तक भारत मैं कोई मिसाइल तकनीक ही नहीं थी तो जो भी करना था खुद से ही करना था और बोहोत से देश भारत को इस प्रकार की मिसाइल ना बनाने के लिए दबाव डाल रही थी लेकिन सरकार ने उन्हें पूरा सहयोग दिया.थी लेकिन सरकार ने उन्हें पूरा सहयोग दिया.

इसी दौरान अब्दुल कलाम जी को विक्रम साराभाई जी के साथ काम करना को अवसर मिला और विक्रम साराभाई ने अब्दुल कलाम जी की बोहोत मद्त की.

विक्रम साराभाई एक बोहोत बड़े वैज्ञानिक थे, विक्रम साराभाई को स्पेस सेण्टर का पिता खा जाता हैं पहले ISRO का नाम विक्रम साराभाई स्पेस सेण्टर था जो के उनकी मृत्यु के बाद रखा था.

साल 1969 मैं अब्दुल कलाम को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भेजा गया जहा अब्दुल कलाम जी ने अपना पहला Satellite Launch Vehicle – SLV III और Polar Satellite Launch Vehicle -PSLV को बनाने में अपना सालो का अहम् योगदान दिया जिसकी वजहा से ये बाद मैं सफलतापूर्वक लांच किया.

अब्दुल कमाल को भारत सरकार ने सन 1963 मैं अमेरिका के अन्तरिक्ष संगठन नासा मैं भेजा ताकि वो मिसाइल के बारे मैं और जान सके.

सन 1980 में अब्दुल कलाम जी के डायरेक्शन मैं भारत सरकार ने एक आधुनिक मिसाइल प्रोग्राम बनाने की सरूवात की जिसके लिए अब्दुल कलाम ने दोबारा DRDO में सामील हो गए। उसके बाद अब्दुल कलाम जी के निर्देशन मैं एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) की सरूवात की गयी।

अब्दुल कलाम के दुवारा बनाई गई मिसाइल

कलाम जी ने बोहोत सी मिसाइल्स और आर्मी टैंक का निर्माण किया और इन सब का निर्माण भारत ने खुद किया इसमें किसी भी अन्य देश की तकनीक सामील नहीं थी जिसकी वजहा से सभी देश भारत को बड़े अस्चर्य से देख रहे थे.

इन्ही देने अब्दुल कलाम का नाम भारत के बड़े वैज्ञानिको मैं गिना जाने लगा और उन्हें पूरे देश मैं बोहोत ज्यादा लोकप्रीयता मिली.

अब्दुल कलाम जी की भारत के लिए सेवा को वैसे तो बताना इतना आसान नहीं होगा लेकिन फिर भी कुछ महत्वपूर्ण मिसाइल्स के नाम नीचे दिए गए हैं.

रोहिणी – रोहिणी जो की भारत का पहला सॅटॅलाइट सिस्टम था इसको सफलतापूर्वक बनाया.
पृथ्वी – अब्दुल कलाम जी की मद्त से पृथ्वी नाम की मिसाइल बनाई जो की सरफेस से सरफेस वार करती हैं जिसका मतलब हैं की मिसाइल धरती से धरती पर रखे टारगेट को खत्म कर देगी.
त्रिशल – त्रिशूल एक टैक्टिकल केयर व्हीकल था.
आकाश – आकाश एक एयर एरिया डिफेन्स सिस्टम था जो की हवा मैं ही आपने टारगेट को खत्म कर देता था.
नाग – ये एक एंटी-टैंक मिसाइल थी.

अग्नि – 22 मई 1989 को अग्नि लांच की गई जो की एक बोहोत बड़ी कामयाबी थी जिसकी उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गाँधी जी ने बोहोत ज्यादा प्रशंसा की.

भारत इस समय दुनिया का चौथा ऐसा देश हैं जिसका डिफेन्स सबसे ज्यादा मजबूत हैं जिसमे अब्दुल कलाम जी का बोहोत बड़ा हात
हैं.

भारत के पास 2102 एयर करफटस और 295 नॉवल स्ट्रेंथ हैं.

अब्दुल कलाम जी का राष्ट्रपति जीवन – Abdul Klaam President Biography

अब्दुल कलाम जी का जितना सफल एक वैज्ञानिक जीवन था उतना ही सफल एक राष्ट्रपति जीवन था ऐसा माना जाता हैं की उस समय देश के विकाश की वृद्धि मैं बोहोत तेजी आई जिसके पीछे सरकार का बोहोत बड़ा हाथ था.

अब्दुल कलाम जी 25 जुलाई 2002 को भारत के 11 वे राष्ट्रपति बने बीजेपी की तरफ से और प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे अब्दुल कलाम ने अपने प्रतिद्वंदी लक्ष्मी सहगल को भारी अंतर से हराया.

अब्दुल कलाम जी भारत देश के तीसरे ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पहले ही भारत रत्न मिल चूका था.

डॉ कलाम का राष्ट्रपति के बाद का जीवन परिचय – Abdul Klaam After President Biography

डॉ अब्दुल कलाम ने आपने राष्ट्रपति पद के 5 साल बीतने के बाद दोबारा उनका नाम राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया लेकिन अब्दुल कलाम जी ने मना कर दिया क्योकी वे बच्चो और समाज के लिए और बोहोत से काम करने चाहते हैं.

आपने राष्ट्रपति पद के बाद डॉ कलाम ने बोहोत सी किताबे लिखी और बोहोत से कॉलेज मैं शिक्षण के तोर से जुड़े रहे. अब्दुल कलम जी इंडियन इंस्टीटूट्स ऑफ़ मैनेजमेंट शिलोंग, इंडियन इंस्टीटूट्स ऑफ़ मैनेजमेंट अहमदाबाद, इंडियन इंस्टीटूट्स ऑफ़ मैनेजमेंट इंदौर, इंटरनेट इनफार्मेशन सर्विसेज बंगलौर और अन्य कॉलेज से एक गेस्ट प्रोफेसर के तौर पर काम करते रहे.

डॉ अब्दुल कलाम जानते थे की यदि देश की तरकी करनी हैं तो देश के युवाओं के भविष्य को बहेतर बनाना होगा. देश से भ्रष्टाचार को हटाने के लिए युवाओं के साथ “व्हाट कैन आई गिव’ पहल की थी.

डॉ अब्दुल कलाम जी की मृत्यु

अब्दुल कलाम सहाब जैसे लोग मरते नहीं हैं बल्कि वो अमर हो जाते हैं.

27 जुलाई 2015 को डॉ अब्दुल कलाम जी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट शिलांग गए थे “Creating a Livable Planet Earth ” पर लेक्चर के लिए गए थे जहा लगभग श्याम 6 .35 मिनट पर भाषण के 5 मिनट के दौरान ही अचानक आए दिल के दोड़े से उनकी मृत्यु हो गई और ये महान इन्सान हमे हमेसा हमेसा के लिए छोड़ के लिए चला गया.

अब्दुल कलाम जी हमेसा हमारे दलों मैं जिन्दा रहेंगे और जब भी भारत के महान वैज्ञानिको की बात होगी तो डॉ अब्दुल कलाम जी का नाम सबसे पहले आएगा.

डॉ अब्दुल कलाम जी को मिले पुरस्कार – Abdul Klaam Awords Biography

डॉ ए.पी.जे अब्दुल कलाम ने विज्ञान और देश के लिए जो किया उसका लिए तो अब्दुल कलाम जी को जितने भी पुरस्कार और सम्मान मिले उतना ही कम हैं क्योकी अब्दुल कलाम जी ने उस समय ये सब करके दिखाया जब भारत के पास स्पेस सेण्टर भी नहीं था.

डॉ कलाम ने शून्य से लेकर आसमान तक भारत के मिसाइल प्रोग्राम को पहोचाया ऐसा करते हुए कलाम सहाब को बोहोत सी परेशानिया का सामना करना.

जब अब्दुल कलाम अपनी पहेली मिसाइल बना रहे थे तब वे कई बार असफल हुए जिसकी वजहा से उनकी असफलताओं के लिए उन्हें मीडिया और समाज ने बोहोत बूरा भला कहा लेकिन डॉ अब्दुल कलाम ने हौसला नहीं छोड़ा और आखिरकार मिसाइल पूरी करके दिखाई.

Dr Abdul Kalam Biography in Hindi मैं कुछ पुरस्कार को नीचे दिया गया हैं

वर्षसम्मान
1981पद्म भूषण
1990पद्म विभूषण
1994विशिष्ट फेलो
1997भारत रत्न
2000रामानुजन पुरस्कार
2007साइंस की मानद डाक्टरेट
2008डॉक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग
2014डॉक्टर ऑफ साइंस

डॉ ए.प.ज अब्दुल कलाम दुवारा लिखी किताबे

डॉ अब्दुल कलाम जी ने बोहोत सी किताबे भी लिखी जिससे उनकी विचार धारा को समझने मैं बोहोत मद्त मिलती हैं. उनके दुवारा लिखी कुछ मुख्य किताबे नीचे दी गई हैं.

  • विंग्स ऑफ़ फायर
  • इंडिया 2020
  • मिशन इंडिया
  • इग्नाइटेड माइंडस
  • अ विज़न फॉर द न्यू मिलेनियम
  • ऐन ऑटोबायोग्राफी
  • अनलीशिंग द पॉवर विदिन इंडिया

डॉ अब्दुल कलाम के सुविचार

अब्दुल कलाम जी के कुछ परसिद्ध सुविचार नीचे दिये गए हैं.

  • अब्दुल कलाम जी के कुछ परसिद्ध सुविचार नीचे दिए गए हैं
  • अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो.
  • सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखे, सपने वो है जो आपको सोने ही नहीं देते हैं.
  • छोटा लक्ष्य अपराध हैं; महान लक्ष्य होना चाहिये.
  • महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं.
  • अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा.
  • इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी हैं.

डॉ अब्दुल कलाम जी एक महान इन्सान थे उनके जीवन के बारे मैं कुछ शब्दो मैं बता पाना मुश्किल हैं लेकिन फिर भी हमने इस ब्लॉग के माध्यम से आपको अब्दुल कलाम के जीवन Abdul Kalam Biography in Hindi के बारे मैं बताया हैं यदि आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो आपने दोस्तों के साथ शेयर करे.

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